तुम को देखा तो ये खयाल आया ।
जिंदगी धूप तुम घना साया ।
आज फिर दिलने इक तमन्ना की..
आज फिर दिलको हमने समझाया ।
जिंदगी धूप तुम घना साया ।
तुम चले जाओगे तो सोचेंगे..
हमने क्या खोया हमने क्या पाया ?
जिंदगी धूप तुम घना साया ।
हम जीसे गुनगुना नही सकते..
वक्त ने ऐसा गीत क्यों गाया ?
जिंदगी धूप तुम घना साया ।
Tuesday, 6 February, 2007
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1 comments:
मीनाक्षीताई
हे माझं अतिशय आवडत गाणं आहे...you made my day!
Thank you!
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